Monday, December 15, 2008

मुस्कुरा और देख

हाथो पे हाथ धरे है बेठा क्यौ?
कर ऐसा कृछ, के हो खुदा पर भी असर।
मुस्कुरा और देख,
बिगड़ी किस्मत को सवरते।
कर किसी को खुश,
और गम की जंजीरो को देख फिघलते।
माना दुनिया मे जीना से ज्यादा,
दुखो का है साया.
पर कर खुदा को शुक्रिया
गर हाथो की लकीरों को बदलते हे देखना.

1 comment:

  1. There are a lot of grammatical errors, I guess that needs to be attributed to the translation tool used. But, सारांश is loud and clear.-Morgan.

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